धारा 239-240 BNS VS धारा 202-203 IPC: अपराध होने की सूचना देने का साशय लोप (Omission to inform) और झूठी सूचना

सजा (Punishment)

साधारण

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 202-203

202: जो अपराध होने की सूचना देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए भी सूचना न दे (6 मास)। 203: यह जानते हुए कि अपराध हुआ है, जानबूझकर पुलिस को झूठी सूचना देना (2 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 239-240

239: अपराध की सूचना देने का साशय लोप (6 मास या ₹5k जुर्माना)। 240: किए गए अपराध के बारे में झूठी सूचना देना… (2 वर्ष या ₹10k जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

यदि आपकी आँखों के सामने कोई हत्या या डकैती हुई है और आप पुलिस को बताने के लिए कानूनी रूप से आबद्ध (बाध्य) हैं, लेकिन आप नहीं बताते, तो BNS 239 (IPC 202) के तहत 6 महीने की जेल होगी। और यदि आप पुलिस को मामले को भटकाने के लिए झूठी कहानी बताते हैं (BNS 240 / IPC 203), तो 2 साल जेल! (जुर्माना भी लगाया गया है)।

तुलना

अपराध का ज्ञान होने पर कर्तव्य का निर्वहन न करना।

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