धारा 24 BNS VS धारा 86 IPC: किसी व्यक्ति द्वारा जो मत्तता में है किया गया अपराध
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (वर्गीकरण)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 86
जहाँ कि कोई किया गया कार्य अपराध नहीं है… जब तक कि वह किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से न किया गया हो… यदि वह व्यक्ति मत्तता में था, तो उसके बारे में यह माना जाएगा कि उसे वैसा ही ज्ञान था जैसा उसे तब होता जब वह मत्तता में न होता… जब तक कि नशा उसकी इच्छा के विरुद्ध न दिया गया हो।
BNS (नया कानून)
धारा 24
जहाँ कि कोई किया गया कार्य अपराध नहीं है… जब तक कि वह किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से न किया गया हो… यदि वह व्यक्ति मत्तता में था, तो उसके बारे में यह माना जाएगा कि उसे वैसा ही ज्ञान था जैसा उसे तब होता जब वह मत्तता में न होता… जब तक कि नशा उसकी इच्छा के विरुद्ध न दिया गया हो।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
BNS 24 (IPC 86) स्पष्ट करता है कि यदि आपने अपनी मर्जी से (Voluntarily) शराब पीकर अपराध किया है, तो कानून यह मानेगा कि आप पूरे होशो-हवास में थे। स्वैच्छिक नशा (Voluntary Intoxication) कभी भी बचाव नहीं हो सकता।
तुलना
| IPC 86 | BNS 24 |
|---|---|
| स्वैच्छिक नशा बचाव नहीं है। | स्वैच्छिक नशा बचाव नहीं है। |