धारा 246 BNS VS धारा 209 IPC: बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा (False claim) करना
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 209
जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से, या किसी को तंग करने के आशय से (Intending to annoy)… न्यायालय में ऐसा दावा करेगा जो मिथ्या (झूठा) है… (2 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 246
जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से, या किसी को तंग करने के आशय से… न्यायालय में साशय ऐसा दावा करेगा जो मिथ्या है… (2 वर्ष या ₹10k जुर्माना)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अदालत का समय बर्बाद करना! यदि आप अपने विरोधी को सिर्फ तंग करने (Annoy) या ब्लैकमेल करने के लिए जानबूझकर कोर्ट में 'झूठा सिविल सूट/मुकदमा' (False Claim/Frivolous Litigation) डाल देते हैं, और यह साबित हो जाता है कि आपका दावा फर्जी था, तो कोर्ट आप पर BNS 246 (IPC 209) लगाकर 2 साल की सजा दे सकता है।
तुलना
न्यायिक प्रक्रिया के दुरूपयोग (Abuse of process of law) के खिलाफ सुरक्षा।