धारा 247 BNS VS धारा 210 IPC: ऐसी राशि के लिए कपटपूर्वक डिक्री (Decree) प्राप्त करना जो देय नहीं है
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 210
जो कोई किसी ऐसे धन के लिए… जो उसे शोध्य (Due) नहीं है, कपटपूर्वक अपने पक्ष में न्यायालय की डिक्री (Court order) या आदेश अभिप्राप्त (Obtain) कर लेगा… (2 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 247
जो कोई किसी ऐसे धन के लिए… जो उसे शोध्य नहीं है, कपटपूर्वक अपने पक्ष में न्यायालय की डिक्री या आदेश अभिप्राप्त कर लेगा… (2 वर्ष)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
कोर्ट से धोखाधड़ी! यदि 'A' ने 'B' को 1 लाख रुपये का कर्ज दिया था और 'B' ने चुका भी दिया। फिर भी 'A' चालाकी से कोर्ट जाकर जज को गुमराह कर 1 लाख की वसूली की 'डिक्री' (Decree/Court Order) ले आता है। यह कोर्ट के साथ फ्रॉड है। इसके लिए BNS 247 (IPC 210) के तहत 2 साल की सजा होती है।
तुलना
सिविल कचहरी (Civil Court) में धोखाधड़ी करने वालों के लिए आपराधिक प्रावधान।