धारा 25 BNS VS धारा 87 IPC: सम्मति से किया गया कार्य (Consent)

सजा (Punishment)

साधारण अपवाद (सहमति)

संज्ञेय (Cognizable)

लागू नहीं

जमानतीय (Bailable)

लागू नहीं

समझौता योग्य (Compoundable

लागू नहीं

विचारणीय न्यायालय (Court)

लागू नहीं

IPC (पुराना कानून)

धारा 87

कोई बात… अपराध नहीं है जो 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति की… सम्मति से की गई हो… और जिसका आशय मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का न हो।

BNS (नया कानून)

धारा 25

कोई बात… अपराध नहीं है जो 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति की… सम्मति से की गई हो… और जिसका आशय मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का न हो।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

यह 'Volenti non fit injuria' (स्वेच्छा से जोखिम उठाना) का सिद्धांत है। BNS 25 (IPC 87) के अनुसार यदि 18 वर्ष से अधिक का कोई व्यक्ति बॉक्सिंग मैच खेलता है (सहमति से) और उसे चोट लगती है, तो मुक्केबाज पर 'चोट पहुंचाने' का केस नहीं चलेगा।

तुलना

सहमति (Consent) किसी कार्य को गैर-आपराधिक (Decriminalize) बना सकती है, बशर्ते इरादा जान से मारने का न हो।

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