धारा 252 BNS VS धारा 215 IPC: चोरी की गई संपत्ति आदि वापस कराने में सहायता करने के लिए उपहार लेना

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 215

जो कोई किसी चोरी या लूटी गई संपत्ति को… वापस दिलाने में मदद करने के बहाने कोई पारितोषण (Gratification) लेगा… जब तक कि वह उस चोर को पकड़वाने के पूरे साधन इस्तेमाल नहीं करता… (2 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 252

जो कोई किसी चोरी की गई संपत्ति को वापस दिलाने में मदद करने के बहाने पारितोषण लेगा… जब तक कि वह उस अपराधी को पकड़वाने के सारे उपाय न करे… (2 वर्ष और जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

बिचौलिये (Middlemen) सावधान! आपकी गाड़ी चोरी हो गई, तभी एक आदमी आता है और कहता है 'मुझे 50 हजार दो, मैं तुम्हारी गाड़ी चोरों से वापस लाकर दे दूंगा'। ऐसे बिचौलिये असल में चोरों से मिले होते हैं। कानून इसे अपराध मानता है। बिना चोर को पकड़वाए सिर्फ गाड़ी वापस लाने के पैसे लेना BNS 252 (IPC 215) के तहत 2 साल की सजा का हकदार बनाता है।

तुलना

चोरों के साथ मिलीभगत कर फिरौती वसूलने पर रोक।

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