धारा 254 BNS VS धारा 216A IPC: लुटेरों या डाकुओं को संश्रय देना (Harbouring robbers or dacoits)
सजा (Punishment)
कठोर (Rigorous Imprisonment)
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 216A
जो कोई यह जानते हुए कि कुछ व्यक्ति डकैती (Dacoity) या लूट (Robbery) करने वाले हैं, या हाल ही में करके आए हैं… उन्हें छिपाएगा (Harbour)… (7 वर्ष का कठोर कारावास)। अपवाद – पति/पत्नी।
BNS (नया कानून)
धारा 254
जो कोई यह जानते हुए कि कुछ व्यक्ति डकैती या लूट करने वाले हैं, या हाल ही में करके आए हैं… उन्हें छिपाएगा… (7 वर्ष का कठोर कारावास)। अपवाद – पति/पत्नी।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
डकैत (Dacoits) अत्यंत खतरनाक माने जाते हैं। इसलिए उनके लिए BNS में अलग से धारा 254 (IPC 216A) दी गई है। यदि डाकू बैंक लूटने से पहले या लूटने के बाद आपके फार्महाउस में छिपते हैं, और आप जानते हुए उन्हें आश्रय देते हैं, तो आपको 7 साल की 'कठोर (Rigorous)' सजा काटनी होगी।
तुलना
डकैतों/लूटने वालों को छिपाना। इस धारा में सजा हमेशा ‘कठोर कारावास’ (Rigorous) होती है।