धारा 259 BNS VS धारा 221 IPC: पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने (Apprehend) का साशय लोप करना

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 221

जो कोई लोक सेवक, किसी अपराध के लिए किसी व्यक्ति को पकड़ने के लिए बाध्य होते हुए… पकड़ने में साशय लोप (Omit) करेगा… या उसे पुलिस कस्टडी से निकल भागने देगा… (मृत्यु दंड वाले मामले में 7 वर्ष, उम्रकैद में 3 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 259

जो कोई लोक सेवक किसी व्यक्ति को पकड़ने के लिए आबद्ध होते हुए… साशय लोप करेगा या साशय निकल भागने देगा… (मृत्यु दंड वाले में 7 वर्ष, उम्रकैद में 3 वर्ष)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

पुलिस की मिलीभगत से मुजरिम का भागना! यदि पुलिस वाले को किसी हत्यारे को गिरफ्तार करने का आदेश (Warrant) मिला है, और वह जानबूझकर उसे गिरफ्तार नहीं करता (Omission to apprehend) या गिरफ्तार करने के बाद उसे चालाकी से लॉक-अप से भगा (Escape) देता है, तो उस पुलिसवाले को BNS 259 (IPC 221) के तहत 7 साल की जेल होगी।

तुलना

पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत और मुजरिम को भगाने के मामले।

Scroll to Top