धारा 270 BNS VS धारा 255 IPC: सरकारी स्टाम्प का कूटकरण (Counterfeiting Government stamp)
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 255
जो कोई राजस्व (Revenue) के प्रयोजन के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए स्टाम्प का कूटकरण (Counterfeit) करेगा… वह आजीवन कारावास, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 10 वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
BNS (नया कानून)
धारा 270
जो कोई राजस्व के प्रयोजन के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए स्टाम्प का कूटकरण करेगा… वह आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अब्दुल करीम तेलगी वाला 'फ़र्ज़ी स्टाम्प घोटाला' (Fake Stamp Paper Scam)! यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रिंटिंग मशीन पर सरकार के ₹500 या ₹1000 वाले स्टाम्प पेपर (Stamp paper) की हूबहू नकली कॉपी छापता है (Counterfeiting), तो यह देश की इकॉनमी के साथ बहुत बड़ा फ्रॉड है। इसके लिए BNS 270 (पुरानी IPC 255) में मुजरिम को 'उम्रकैद' (Life Imprisonment) या 10 साल की कठोर सजा दी जाती है।
तुलना
जाली स्टाम्प छापने के कड़े दंड को बरकरार रखा गया है।