धारा 275 BNS VS धारा 260 IPC: कूटकृत सरकारी स्टाम्प को असली के रूप में उपयोग (Use as genuine) करना

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 260

जो कोई किसी ऐसे स्टाम्प को, जिसे वह जानता हो कि वह कूटकृत (Counterfeit) है, ‘असली (Genuine) के रूप में’ उपयोग करेगा… 7 वर्ष या जुर्माना।

BNS (नया कानून)

धारा 275

जो कोई किसी ऐसे स्टाम्प को, जिसे वह जानता हो कि वह कूटकृत है, ‘असली के रूप में’ उपयोग करेगा… (7 वर्ष या जुर्माना या दोनों)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

रजिस्ट्रार ऑफिस में धोखाधड़ी! आपने नकली स्टाम्प पेपर पर अपनी 'पावर ऑफ अटॉर्नी' या 'वसीयत' (Will) टाइप कराकर उसे तहसील या कोर्ट में जमा (Use) कर दिया। जैसे ही यह बात पकड़ी जाएगी कि स्टाम्प जाली था, तो BNS 275 (IPC 260) के अनुसार आपको 7 साल तक की सजा हो सकती है।

तुलना

जाली स्टाम्प के अंतिम उपयोग (End Use) को लक्षित करता है।

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