धारा 279 BNS VS धारा 263A IPC: बनावटी स्टाम्पों का प्रतिषेध (Prohibition of fictitious stamps)

सजा (Punishment)

केवल जुर्माना

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 263A

जो कोई बनावटी (Fictitious) स्टाम्प (जो दिखने में डाक टिकट जैसा हो पर सरकार का न हो) बनाएगा, बेचेगा या बिना उचित कारण के डाक टिकट बनाने की ‘डाई’ रखेगा… ₹200 तक का जुर्माना। (Police can search and seize without warrant).

BNS (नया कानून)

धारा 279

जो कोई किसी बनावटी (Fictitious) स्टाम्प को बनाएगा, बेचेगा या उपयोग करेगा… (केवल ₹1000 तक का जुर्माना)। पुलिस ऐसे स्टाम्प और सामग्री को सीज (Seize) कर सकती है।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

खिलौने वाले 'चूरन के टिकट' (Toy/Fictitious Stamps)! यदि कोई कंपनी बच्चों के खेलने के लिए या विज्ञापन के लिए बिल्कुल असली 'डाक टिकट (Postage Stamp)' जैसे दिखने वाले स्टीकर/टिकट छापती है (जिसे लोग असली समझकर चिट्ठी पर लगा दें)। कानून इसकी अनुमति नहीं देता। BNS 279 (IPC 263A) के तहत इसमें जेल तो नहीं है, लेकिन पुलिस आपका माल जब्त कर लेगी और ₹1000 का जुर्माना लगेगा।

तुलना

यह मुख्य रूप से डाक टिकटों (Postage Stamps) के भ्रामक रूप (Fictitious reproductions) से जुड़ा है। जुर्माने की राशि ₹200 से बढ़ाकर ₹1000 की गई है।

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