धारा 289 BNS VS धारा 274 IPC: औषधियों का अपमिश्रण (Adulteration of drugs)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 274

जो कोई किसी औषधि (Drug) या भेषजीय निर्मिति में मिलावट करेगा जिससे उसकी प्रभावकारिता कम हो जाए (lessen efficacy)… या हानिकारक हो जाए… इस आशय से कि वह बेची जाए… (6 मास या 1000 रुपये)।

BNS (नया कानून)

धारा 289

जो कोई किसी औषधि (Drug) या भेषजीय निर्मिति में मिलावट करेगा जिससे उसकी प्रभावकारिता कम हो जाए या हानिकारक हो जाए… (6 मास या ₹5000 जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

दवाइयों में मिलावट (Spurious Drugs)! यदि कोई कंपनी जीवन रक्षक दवाओं (जैसे पेरासिटामोल या कैंसर की दवा) में चॉक पाउडर या मिलावटी केमिकल डाल देती है, जिससे दवा का असर कम हो जाए या वह इंसान के लिए हानिकारक (Noxious) बन जाए, तो दवा बनाने वालों पर BNS 289 (IPC 274) के तहत मुकदमा होता है।

तुलना

दवाइयों के अपमिश्रण (Adulteration of Drugs) से लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़।

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