धारा 290 BNS VS धारा 275 IPC: अपमिश्रित औषधियों का विक्रय (Sale of adulterated drugs)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 275

जो कोई यह जानते हुए कि औषधि अपमिश्रित (Adulterated) हो गई है… उसे बेचेगा (Sells) या औषधालय (Dispensary) से देगा… (6 मास या 1000 रुपये)।

BNS (नया कानून)

धारा 290

जो कोई यह जानते हुए कि औषधि अपमिश्रित हो गई है… उसे असंबद्ध (Unadulterated) बताकर बेचेगा या देगा… (6 मास या ₹5000 जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

नकली दवाइयां बेचना (Selling Fake Pharmacy)! मेडिकल स्टोर वाला या डॉक्टर जो यह जानता है कि उसके पास रखी दवाएं मिलावटी या नकली हैं, फिर भी वह उन्हें 'असली' बताकर मरीजों को बेचता है; उसके खिलाफ पुलिस BNS 290 (IPC 275) के तहत FIR दर्ज करती है।

तुलना

दवा के खुदरा विक्रेताओं (Retailers/Dispensaries) पर लागू होता है।

Scroll to Top