धारा 3(1) BNS VS धारा 35 IPC: आपराधिक ज्ञान या आशय
सजा (Punishment)
लागू नहीं (संयुक्त दायित्व)
संज्ञेय (Cognizable)
मुख्य अपराध के अनुसार
जमानतीय (Bailable)
मुख्य अपराध के अनुसार
समझौता योग्य (Compoundable
मुख्य अपराध के अनुसार
विचारणीय न्यायालय (Court)
मुख्य अपराध के अनुसार
IPC (पुराना कानून)
धारा 35
जब कभी कोई कार्य, जो आपराधिक ज्ञान या आशय से किए जाने के कारण ही आपराधिक है, कई व्यक्तियों द्वारा किया जाता है…
BNS (नया कानून)
धारा 3(1)
जब कभी कोई कार्य, जो आपराधिक ज्ञान या आशय से किए जाने के कारण ही आपराधिक है, कई व्यक्तियों द्वारा किया जाता है…
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि कई लोग मिलते हैं, तो केवल वही व्यक्ति दंडनीय है जो उस दुर्भावनापूर्ण आशय के साथ कार्य में शामिल होता है। (IPC 35 = BNS 3(1))
तुलना
समान ज्ञान आधारित दायित्व सिद्धांत।