धारा 3(4) BNS VS धारा 38 IPC: भिन्न-भिन्न अपराधों के दोषी

सजा (Punishment)

लागू नहीं (दायित्व सिद्धान्त)

संज्ञेय (Cognizable)

व्यक्तिगत अपराध के अनुसार

जमानतीय (Bailable)

व्यक्तिगत अपराध के अनुसार

समझौता योग्य (Compoundable

व्यक्तिगत अपराध के अनुसार

विचारणीय न्यायालय (Court)

व्यक्तिगत अपराध के अनुसार

IPC (पुराना कानून)

धारा 38

जहां कई व्यक्ति किसी आपराधिक कार्य के किए जाने में लगे हुए या संपृक्त हैं, वहां वे उस कार्य के आधार पर विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकते हैं।

BNS (नया कानून)

धारा 3(4)

जहां कई व्यक्ति किसी आपराधिक कार्य के किए जाने में लगे हुए या संपृक्त हैं, वहां वे उस कार्य के आधार पर विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

एक ही कृत्य में शामिल कई लोग अपने व्यक्तिगत दुर्भावनापूर्ण इरादे (Mens Rea) के आधार पर अलग-अलग अपराधों के दोषी हो सकते हैं (कोई हत्या के लिए और कोई 'गैर-इरादतन हत्या' के लिए)।

तुलना

IPC 38 को BNS 3(4) बनाया गया है।

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