धारा 30 BNS VS धारा 92 IPC: सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (आपातकाल)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 92
कोई बात अपराध नहीं है जो… किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक… उसकी सम्मति के बिना की गई हो… यदि परिस्थितियां ऐसी हों कि उसके लिए सम्मति देना असंभव हो (जैसे बेहोश व्यक्ति)।
BNS (नया कानून)
धारा 30
कोई बात अपराध नहीं है जो… किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक… उसकी सम्मति के बिना की गई हो… यदि परिस्थितियां ऐसी हों कि उसके लिए सम्मति देना असंभव हो।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
इमरजेंसी बचाव! यदि किसी व्यक्ति का सड़क दुर्घटना में ब्रेन हैमरेज हो जाए और वह बेहोश हो (Consent नहीं दे सकता), और कोई परिजन भी न हो, तो डॉक्टर जान बचाने के लिए तुरंत ऑपरेशन कर सकता है। अगर व्यक्ति मर भी जाए, तो BNS 30 डॉक्टर को पूर्ण बचाव देती है।
तुलना
| IPC 92 | BNS 30 |
|---|---|
| आपातकालीन चिकित्सा बचाव। | समान बचाव बरकरार। |