धारा 303(2) BNS बनाम धारा 379 IPC: चोरी के लिए दंड (Punishment for theft)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (Compoundable if value of property is low)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 379

जो कोई चोरी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 303(2)

303(2): जो कोई चोरी करेगा… 3 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा और चोरी की संपत्ति वापस करने की स्थिति में सामुदायिक सेवा (Community Service) का प्रावधान है (छिटपुट चोरी / Petty Theft के लिए)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

जेब काटना या बाइक चोरी करना! (Punishment for Theft)। अगर कोई बाज़ार में आपकी जेब से 2000 रुपये निकाल लेता है, या रेलवे स्टेशन से आपका सूटकेस चुरा लेता है। तो यह एक आम 'चोरी (Theft)' है, जिसके लिए BNS 303(2) (पुरानी IPC 379) में 3 साल तक की जेल हो सकती है। बड़ा बदलाव! BNS कानून में पहली बार यह नियम लाया गया है कि अगर चोरी 5000 रुपये से कम (Petty Theft) की है और चोर पहली बार पकड़ा गया है (और उसने सामान लौटा दिया है), तो उसे जेल भेजने के बजाय 'सामुदायिक सेवा (Community Service - जैसे सड़क साफ करना)' की सज़ा दी जा सकती है।

तुलना

BNS 303(2) में ‘Community Service’ (सामुदायिक सेवा) के नए कंसेप्ट को ‘Petty Theft’ (₹5000 से कम की चोरी) के लिए पेश किया गया है।

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