धारा 303 BNS VS धारा 298 IPC: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से शब्द उच्चारित करना
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (Compoundable)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 298
जो कोई… किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने (Wounding religious feelings) के विमर्शित आशय से, कोई शब्द उस व्यक्ति की श्रवणगोचरता (Hearing) में उच्चारित करेगा… या कोई अंगविक्षेप (Gesture) करेगा… 1 वर्ष।
BNS (नया कानून)
धारा 303
जो कोई किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से, कोई शब्द उस व्यक्ति को सुनाई देने योग्य उच्चारित करेगा… (1 वर्ष या जुर्माना या दोनों)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
मुंह पर धर्म की गाली देना! (Hurting Religious sentiments verbally)। IPC 295A (BNS 302) बड़े पैमाने पर पब्लिक हेट स्पीच के लिए है। लेकिन यदि आप केवल अपने एक पड़ोसी को उसके धर्म/ईश्वर के बारे में उसके मुंह पर भद्दी गालियां देते हैं ताकि उसे ठेस पहुंचे (Hearing distance), तो यह BNS 303 (IPC 298) का 'असंज्ञेय' (Non-Cognizable) अपराध है। इसमें 1 साल तक की सजा हो सकती है, हालांकि इसे राजीनामा (Compromise) करके खत्म किया जा सकता है।
तुलना
यह 295A का एक हल्का रूप है, जो ‘व्यक्तिगत’ (Individual) स्तर पर धार्मिक गालियां (Verbal abuse) देने पर लागू होता है।