धारा 307 BNS बनाम धारा 382 IPC: चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी
सजा (Punishment)
कठोर कारावास
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 382
जो कोई चोरी (Theft) करने के लिए या भागने (Escape) के लिए… किसी व्यक्ति की मृत्यु या उपहति (Hurt) कारित करने की ‘तैयारी’ (Preparation) करके चोरी करता है… 10 वर्ष का कठोर कारावास + जुर्माना।
BNS (नया कानून)
धारा 307
307: चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति… कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी… 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
जेब में पिस्तौल रखकर चोरी करने जाना! (Theft with preparation of hurt)। यदि एक चोर सिर्फ ताला तोड़कर चोरी करता है तो वह धारा 380 है। लेकिन अगर एक चोर अपनी पैंट (Pocket) में 'लोडेड पिस्तौल' (Loaded pistol) या 'धारदार चाकू' रखकर चोरी करने घर में घुसता है (ताकि अगर कोई जागे तो उसे मार सके)। तो महज़ यह 'खतरनाक तैयारी' (Preparation) ही उसे एक खूंखार अपराधी बना देती है (यह Robbery से जस्ट एक स्टेप पहले है)। पकड़े जाने पर उसे BNS 307 (IPC 382) में 10 साल की 'कठोर' जेल होगी।
तुलना
यह चोरी का सबसे गंभीर (Aggravated) रूप है। तैयारी (Preparation) जहाँ पिस्तौल या हथियार (Weapon) शामिल हो, उसे BNS 307 में 10 साल की कठोर सजा दी गई है।