धारा 315(2) BNS बनाम धारा 404 IPC: मृत व्यक्ति (Deceased person) की मृत्यु के समय उसके कब्जे में की संपत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती (योजनाओं/राज्यों पर निर्भर, मुख्यतः जमानती)

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय (Non-compoundable)

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 404

जो कोई किसी संपत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग (Misappropriates) करेगा, यह जानते हुए कि वह संपत्ति मृत व्यक्ति (Deceased person) की मृत्यु के समय उसके कब्जे में थी… 3 वर्ष का कारावास + जुर्माना। (यदि सेवक/Clerk द्वारा किया जाए तो 7 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 315(2)

315(2): मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे में की संपत्ति का दुर्विनियोग… (3 वर्ष का कारावास + जुर्माना; सेवक द्वारा—7 वर्ष)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

मुर्दे का सामान चुराना! (Misappropriating property of dead person)। यह इंसानियत को शर्मसार करने वाला जुर्म है। मान लीजिए किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया और वह मर गया (Deceased)। अब मौका पाकर किसी ने उसकी कलाई से महंगी घड़ी या जेब से पैसे निकाल लिए। या फिर घर में किसी बुज़ुर्ग की मौत होने पर उसके नौकर ने तिजोरी से गहने गायब कर दिए। मृत व्यक्ति की संपत्ति हड़पने पर BNS 315(2) (IPC 404) में 3 साल (नौकर हो तो 7 साल) की जेल होती है।

तुलना

मृत व्यक्ति (Deceased / Dead body) की संपत्ति को असहाय मानकर उसे हड़पना अधिक गंभीर दुर्विनियोग (Aggravated Misappropriation) माना गया है।

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