धारा 316(1) BNS बनाम धारा 405 IPC: आपराधिक न्यास भंग (Criminal breach of trust) की परिभाषा
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (अनुमति से)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 405
जो कोई, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर कोई अख्तियार (Dominion) न्यस्त (Entrusted) किए जाने पर, उस संपत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग कर लेता है या उसे अपने उपयोग में संपरिवर्तित (Converts) कर लेता है… आपराधिक न्यास भंग (Criminal breach of trust) करता है।
BNS (नया कानून)
धारा 316(1)
316(1): आपराधिक न्यास भंग की परिभाषा… (Same concept as IPC 405: Entrustment followed by dishonest misappropriation).
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अमानत में खयानत (धोखाधड़ी)! (Criminal Breach of Trust)। मान लीजिए आप कुछ दिन के लिए शहर से बाहर जा रहे हैं और आपने अपना कीमती लैपटॉप अपने दोस्त के पास 'अमानत' (Trust) के रूप में रखने के लिए दिया (Entrustment)। लेकिन आपके दोस्त ने बेईमानी (Dishonestly) से उस लैपटॉप को बाज़ार में बेच दिया (Misappropriation)। आपने भरोसा किया, उसने भरोसा तोड़ा। कानून की भाषा में इसे 'क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट' (आपराधिक न्यास भंग) कहते हैं (IPC 405 / BNS 316)।
तुलना
Criminal Breach of trust में सबसे महत्वपूर्ण तत्व ‘Trust’ (न्यस्त किया जाना) है। चोरी में ट्रस्ट नहीं होता, इस अपराध में होता है। परिभाषा BNS में वही है।