धारा 316(2) BNS बनाम धारा 406 IPC: आपराधिक न्यास भंग (Criminal breach of trust) के लिए दंड

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (Compoundable with permission)

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 406

जो कोई आपराधिक न्यास भंग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 316(2)

316(2): जो कोई आपराधिक न्यास भंग करेगा, वह 5 वर्ष तक के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा। (Note: Punishment increased in BNS).

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

भरोसा तोड़ने पर 5 साल की जेल! (Punishment for Breach of Trust)। अगर कोई व्यक्ति आपकी दी हुई चीज़ या पैसे को हड़प लेता है (जैसे कमेटी का पैसा मारकर भाग जाना), तो उस पर FIR होने के बाद BNS 316(2) (पुरानी धारा 406) लगाई जाती है। बड़ा बदलाव! पुरानी IPC में अमानत में खयानत की सजा 3 साल थी, लेकिन नए कानून BNS में इसे और सख्त बनाकर '5 साल' (5 Years) तक की जेल का प्रावधान कर दिया गया है।

तुलना

Major Change: IPC 406 में सजा सिर्फ 3 साल थी, जिसे BNS 316(2) में बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। यह आर्थिक धोखाधड़ी के प्रति कड़े रवैये को दर्शाता है।

Scroll to Top