धारा 318(4) BNS बनाम धारा 420 IPC: 420-छल (Cheating) करना और संपत्ति परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करना
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय (Cognizable)
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती (Non-Bailable)
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (Compoundable with court's permission)
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 420
जो कोई छल (Cheating) करेगा और तद्द्वारा उस व्यक्ति को जिसे प्रवंचित किया गया है, बेईमानी से उत्प्रेरित (Dishonestly induces) करेगा कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त (Deliver) कर दे… या किसी मूल्यवान प्रतिभूति को बनाए/नष्ट करे… 7 वर्ष की अवधि के कारावास से, और जुर्माने से दंडनीय होगा।
BNS (नया कानून)
धारा 318(4)
318(4): जो कोई छल करेगा… बेईमानी से उत्प्रेरित करेगा कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे… 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
'420' अब 420 नहीं रही! (The infamous Fraud Section 420)। भारत में '420' शब्द धोखाधड़ी का पर्यायवाची (Synonym) बन चुका है ('तुम 420 हो')। जब कोई फ्रॉड करके (लॉटरी, फर्जी ज़मीन के कागज़ात आदि) जानबूझकर किसी से 'पैसा या प्रॉपर्टी' (Property Delivered) ऐंठ लेता है, तो पुलिस सबसे संगीन धारा IPC 420 लगाती थी जिसमें 7 साल की 'गैर-जमानती' (Non-bailable) कठोर सज़ा होती है। नए कानून में प्रसिद्ध '420' का नंबर बदलकर अब BNS 318(4) हो गया है, हालांकि सज़ा 7 साल ही रखी गई है।
तुलना
भारतीय समाज की सबसे प्रसिद्ध धारा ‘420‘ अब निरस्त हो गई है। इसका नया स्थान BNS 318(4) है। सजा (7 वर्ष) और गंभीरता वही है, बस नंबर बदल गया है।