धारा 32 BNS VS धारा 94 IPC: वह कार्य जिसको करने के लिए कोई व्यक्ति धमकियों द्वारा विवश किया गया हो
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (विवशता)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 94
हत्या, और राज्य के विरुद्ध अपराधों को छोड़कर… कोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए… जिसे धमकियों द्वारा विवश किया गया हो, जिनसे उसे तत्काल मृत्यु की आशंका हो।
BNS (नया कानून)
धारा 32
हत्या, और राज्य के विरुद्ध अपराधों को छोड़कर… कोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए… जिसे धमकियों द्वारा विवश (Compelled) किया गया हो, जिनसे उसे तत्काल मृत्यु (Instant death) की आशंका हो।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
BNS 32 (IPC 94) कहता है कि यदि डाकू किसी लोहार की कनपटी पर बंदूक रखकर उससे तिजोरी का ताला तुड़वाएं, तो लोहार चोरी का दोषी नहीं है। **लेकिन**, धमकियों के दबाव में भी आप किसी निर्दोष की 'हत्या' नहीं कर सकते। हत्या के लिए कोई बचाव नहीं है।
तुलना
दुष्कृत्य (Duress / Compulsion) एक बचाव है, लेकिन हत्या (Murder) और देशद्रोह (Treason) के मामले में यह कोई बचाव नहीं है।