धारा 324(1) BNS बनाम धारा 425 IPC: रिष्टि (Mischief) की परिभाषा
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय (छोटे मामलों में)
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 425
जो कोई इस आशय से, या यह संभाव्य जानते हुए कि वह लोक को या किसी व्यक्ति को सदोष हानि या नुकसान (Wrongful loss or damage) कारित करे, किसी संपत्ति का नाश (Destruction) करता है, या किसी संपत्ति में… ऐसी तब्दीली (Change) करता है जिससे उसका मूल्य या उपयोगिता (Value or utility) नष्ट या कम हो जाती है… वह ‘रिष्टि (Mischief)’ करता है।
BNS (नया कानून)
धारा 324(1)
324(1): जो कोई इस आशय से… किसी संपत्ति का नाश करता है, या… ऐसी तब्दीली करता है जिससे उसका मूल्य या उपयोगिता नष्ट या कम हो जाती है… रिष्टि करता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
किसी की संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुँचाना! (Mischief)। अगर आपका पड़ोसी आपसे बदला लेने के लिए आपकी कार के टायरों को पंक्चर कर दे या उस पर चाबी से स्क्रेच (Scratch) मार दे। उसने कार 'चुराई' नहीं है, बल्कि आपकी संपत्ति की 'उपयोगिता या वैल्यू' (Value or utility) को नुकसान (Damage) पहुँचाया है। इसे कानून की भाषा में 'रिष्टि' या Mischief (तोड़-फोड़ / नुकसान) कहते हैं। आग लगाना, फसल काटना, या फोन पानी में फेंकना—ये सब IPC 425 (BNS 324-1) के तहत 'रिष्टि' हैं।
तुलना
Mischief (रिष्टि) का मूल सिद्धांत—बिना चोरी किए, केवल नुकसान पहुंचाने की नीयत से संपत्ति को नष्ट या खराब करना—BNS 324(1) में हूबहू सुरक्षित है।