धारा 324(2) BNS बनाम धारा 426 IPC: रिष्टि (Mischief) के लिए दंड
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (Compoundable)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 426
जो कोई रिष्टि (Mischief) करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 मास (3 months) तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
BNS (नया कानून)
धारा 324(2)
324(2): जो कोई रिष्टि करेगा, वह 6 मास तक के कारावास से, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। (Note: Punishment increased from 3 to 6 months in BNS).
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की सजा बढ़ी! (Punishment for Mischief)। पुरानी IPC 426 के तहत छोटे-मोटे नुकसान (जैसे किसी की खिड़की का शीशा तोड़ देना) पर अधिकतम 3 महीने की सजा होती थी। लेकिन नए कानून BNS 324(2) में इस सजा को बढ़ाकर '6 महीने' (6 Months) कर दिया गया है। यानी अब किसी का थोड़ा सा भी नुकसान करना महंगा पड़ेगा। यह जमानती और राजीनामा-योग्य (Compoundable) अपराध है।
तुलना
Major Highlight: सामान्य रिष्टि (General mischief) के लिए सजा को IPC की 3 महीने अवधि से बढ़ाकर BNS में 6 महीने कर दिया गया है।