धारा 324(3) BNS बनाम धारा 427 IPC: 50 रुपये से अधिक की रकम की हानि कारित करने वाली रिष्टि

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय (कुछ राज्यों में संज्ञेय)

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (अनुमति से)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 427

जो कोई रिष्टि करेगा और तद्द्वारा 50 रुपये या उससे अधिक की रकम की हानि या नुकसान (Damage to the amount of fifty rupees) कारित करेगा… 2 वर्ष के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 324(3)

324(3): जो कोई रिष्टि करेगा और तद्द्वारा 20,000 रुपये या उससे अधिक की रकम की… हानि कारित करेगा… 2 वर्ष तक के कारावास या जुर्माने से दंडित। (Note: Amount increased from Rs 50 to Rs 20,000 in BNS).

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

20,000 रुपये से ज़्यादा का नुकसान! (Damage worth Rs 20,000)। 1860 के ज़माने (IPC) में 50 रुपये (Fifty Rupees) बहुत बड़ी रकम होती थी, इसलिए IPC 427 में 50 रुपये के नुकसान पर 2 साल की लंबी सज़ा रखी गई थी। लेकिन आज 50 रुपये में क्या आता है? इसलिए नए कानून BNS 324(3) में इस 'रकम' को बढ़ाकर '20,000 रुपये' (Twenty Thousand) कर दिया गया है। यानी अगर कोई व्यक्ति आपका 20,000 रुपये या उससे ज़्यादा का नुकसान करता है (जैसे लाखों की कार ठोक देना), तब जाकर यह 2 साल की सज़ा वाला गंभीर अपराध माना जाएगा।

तुलना

Historic Relic Removed: सबसे बड़ा व्यावहारिक बदलाव! IPC 427 की 50 रुपये की पुरानी सीमा को आधुनिक महंगाई के अनुसार BNS 324(3) में 20,000 रुपये कर दिया गया है। दंड 2 वर्ष ही रहेगा।

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