धारा 326(g) BNS बनाम धारा 436 IPC: घर आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि (Fire) या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि

सजा (Punishment)

आजीवन कारावास या 10 वर्ष

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

सेशन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 436

जो कोई अग्नि या विस्फोटक पदार्थ (Explosive substance) द्वारा रिष्टि करेगा… किसी ऐसे भवन (Building) को नष्ट करने के आशय से, जो साधारणतः पूजा-स्थान (Place of worship) या मानव-आवास (Human dwelling) या संपत्ति की अभिरक्षा (Custody of property) के स्थान के रूप में उपयोग आता हो… आजीवन कारावास या 10 वर्ष के कारावास से दंडित।

BNS (नया कानून)

धारा 326(g)

326(g): अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि… पूजा-स्थान या मानव-आवास के रूप में भवन को नष्ट करने के आशय से… आजीवन कारावास, या 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

किसी के घर या मंदिर/मस्जिद में आग लगाना! (Arson on Human Dwelling)। यह दंगा (Riot) करने वालों और आगज़नी करने वालों पर लगने वाली सबसे भयंकर धारा है। अगर कोई व्यक्ति किसी खुली गाड़ी में आग न लगाकर, सीधे किसी 'रहवासी घर' (Human Dwelling), किसी किराने की दुकान/गोदाम, या 'धार्मिक पूजा-स्थल (मंदिर, मस्जिद, चर्च)' में बम फेंकता है या आग (Fire) लगाता है। तो ऐसे खूंखार अपराधी को BNS 326(g) (पुरानी IPC 436) में सीधे उम्रकैद (Life Imprisonment) या न्यूनतम 10 साल की 'गैर-जमानती' (Non-bailable) जेल होती है।

तुलना

Arson (आगजनी) का सबसे विकराल रूप, जब मानव जीवन दांव पर हो या पूजा-स्थलों को निशाना बनाया जाए। BNS 326(g) ने IPC 436 की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है।

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