धारा 332(c)-(d) BNS बनाम धारा 451-452 IPC: चोरी (Theft) या उपहति (Hurt) कारित करने की तैयारी के साथ गृह-अतिचार

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय (Non-Compoundable)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 451-452

451: कारावास से दंडनीय अपराध (जैसे चोरी) करने के लिए गृह-अतिचार… 2 वर्ष; यदि चोरी (Theft) हो तो 7 वर्ष। 452: उपहति/हमला (Hurt/Assault) करने की तैयारी (Preparation) के साथ गृह-अतिचार… 7 वर्ष की अवधि का कारावास + जुर्माना।

BNS (नया कानून)

धारा 332(c), 332(d)

BNS 332(c): कारावास से दंडनीय अपराध (चोरी/Theft) करने के लिए… (2 वर्ष / चोरी हो तो 7 वर्ष)। BNS 332(d): उपहति/हमले की तैयारी के साथ… (7 वर्ष)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

मार-पिटाई या चोरी के इरादे से घर में घुसना! (Trespass with intent to hurt)। अगर कोई गुंडा लाठी-डंडे और हथियार लेकर (Preparation) सिर्फ किसी को 'पीटने' या 'धमकाने' के लिए उसके घर में घुस आता है (IPC 452)। या फिर कोई चोर घर में 'चोरी' करने के इरादे से घुसे (IPC 451), तो वह साधारण 1 साल वाला 'अतिचार (448)' नहीं रहता। यह 'गैर-जमानती अपराध' (Non-Bailable Offence) बन जाता है जिसमें '7 साल की सख़्त सजा' (BNS 332-c,d) मिलती है।

तुलना

IPC 452 (मारपीट के इरादे से घर में घुसना) भारत में बहुत आम और गंभीर लगने वाली धारा है। BNS में यह 332(d) बन गई है, परंतु इसमें 7 साल का कड़ा दंड और गैर-जमानती प्रकृति यथावत (intact) है।

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