धारा 333(4-6) BNS बनाम धारा 456-458 IPC: रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार / रात्रौ गृह-भेदन (House Breaking by Night)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 456-458

456: रात्रौ (By Night) छिपकर या ताला तोड़कर घुसना… (3 वर्ष)। 457: रात्रौ… चोरी (Theft) आदि के इरादे से घुसना… (5 वर्ष; चोरी हो तो 14 वर्ष)। 458: रात्रौ… उपहति (Hurt) की तैयारी के साथ घुसना… (14 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 333(4), 333(5), 333(6)

333(4): रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार… (3 वर्ष)। 333(5): रात्रौ… चोरी के लिए… (5 वर्ष / चोरी हो तो 14 वर्ष तक)। 333(6): रात्रौ… उपहति की तैयारी के साथ… (14 वर्ष)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

रात के अंधेरे में सेंधमारी (Night Burglary)! भारत में 'रात के समय' (सूर्यास्त के बाद) मकान का ताला तोड़ना या चोरी (Theft) करना सबसे संगीन अपराधों में से एक है। दिन में ताला तोड़कर चोरी करने पर अधिकतम 10 साल (454) सजा मिलती है, लेकिन 'रात (Night)' में वही काम करने (Night House-breaking) पर सज़ा 4 साल और बढ़ जाती है यानी सीधे '14 वर्ष' (14 Years) तक की भारी जेल! इसे IPC 457 और 458 (नए BNS 333-5,6) में रखा गया है।

तुलना

Night Burglary (रात्रिकालीन सेंधमारी) की सजा को 14 वर्ष तक का रखा गया है। यह IPC और BNS दोनों में एक समान रूप से ‘Aggravated Offence’ की कैटेगरी में आता है।

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