धारा 340(2) BNS बनाम धारा 471 IPC: कूटरचित दस्तावेज़ (Forged document) का असली के रूप में उपयोग करना
सजा (Punishment)
दस्तावेज़ की प्रकृति पर निर्भर
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय (अगर दस्तावेज़ संज्ञेय अपराध श्रेणी का है)
जमानतीय (Bailable)
जमानती / गैर-जमानती (मूल अपराध के अनुसार)
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 471
BNS (नया कानून)
धारा 340(2)
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
फ़र्ज़ी मार्कशीट या जाली नोट का इस्तेमाल करना! (Using forged document as genuine)। कई बार व्यक्ति खुद दस्तावेज़ नहीं बनाता, लेकिन 'चोर बाज़ार' से खरीद कर लाता है। जैसे किसी ने 10वीं की 'फ़र्ज़ी मार्कशीट (Fake Degree)' बनवाई और उसे असली (Genuine) बताकर विदेश जाने के या सरकारी नौकरी के लिए एंबेसी (Embassy) या दफ्तर में लगा दिया। इस 'जाली कागज़' के इस्तेमाल (Use) पर BNS 340 (IPC 471) लगती है, जिसमें वही सजा मिलती है जो उस कागज़ को 'बनाने वाले' को मिलती है (जैसे 2 से 7 साल)।
तुलना
Forgery ‘बनाने’ (Making 463) का और ‘इस्तेमाल करने’ (Using 471) का दंड एक समान माना गया है। BNS 340(2) में भी Using forged document को समान दांडिक श्रेणी में रखा है।