धारा 39/40 BNS VS धारा 101/102 IPC: मृत्यु से भिन्न अपहानि और अधिकार का प्रारंभ
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 101-102
यदि अपराध (धारा 100 में वर्णित के अलावा) अन्य प्रकार का है… तो आप मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कर सकते हैं। यह अधिकार तब शुरू होता है जब शरीर पर खतरे की आशंका पैदा होती है और तब तक बना रहता है जब तक खतरा बना रहे।
BNS (नया कानून)
धारा 39 & 40
यदि अपराध… अन्य प्रकार का है तो… मृत्यु से भिन्न अपहानि कर सकते हैं। अधिकार खतरे के उत्पन्न होने से शुरू होता है और खतरे के रहने तक बना रहता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि कोई आपको केवल 'थप्पड़' मारने आ रहा है (IPC 100 की 7 सूचियों में नहीं है), तो आप उसे रोक सकते हैं, मार सकते हैं, लेकिन 'जान से नहीं मार सकते' (BNS 39)। और जैसे ही हमलावर भाग जाए (खतरा टल जाए), तो पीछे से गोली मारना आत्मरक्षा नहीं, हत्या होगी (BNS 40)।
तुलना
आत्मरक्षा का अधिकार ‘बदला’ (Revenge) लेने का अधिकार नहीं है।