धारा 4 BNS VS धारा 53 IPC: दंड (Punishments)
सजा (Punishment)
लागू नहीं (दंड के प्रकार)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 53
दंड ये हैं—मृत्यु, आजीवन कारावास, कारावास (कठोर या सादा), संपत्ति का समपहरण, और जुर्माना।
BNS (नया कानून)
धारा 4
दंड ये हैं—(क) मृत्यु, (ख) आजीवन कारावास, (ग) कारावास (कठोर या सादा), (घ) संपत्ति का समपहरण, (ङ) जुर्माना, (च) सामुदायिक सेवा (Community Service)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यह BNS के सबसे बड़े सुधारों में से एक है! BNS की धारा 4 में अब 'सामुदायिक सेवा' (Community Service) को पहली बार कानूनी दंड के रूप में आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है।
तुलना और विश्लेषण
IPC 53 केवल 5 प्रकार के दंड बताती थी। BNS 4 में छठे प्रकार के रूप में सामुदायिक सेवा (छोटै अपराधों के लिए) को जोड़ा गया है।