धारा 44 BNS VS धारा 106 IPC: घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा जब निर्दोष व्यक्ति को जोखिम हो
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (निर्दोष को जोखिम)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 106
जिस हमले से मृत्यु की आशंका हो… यदि स्थिति ऐसी है कि आप निर्दोष व्यक्ति को जोखिम में डाले बिना बचाव नहीं कर सकते, तो भी आपको बचाव करने का पूर्ण अधिकार है।
BNS (नया कानून)
धारा 44
जिस हमले से मृत्यु की आशंका युक्तिसंगत रूप से कारित होती है… यदि रक्षक उस अधिकार का प्रयोग किसी निर्दोष व्यक्ति को जोखिम डाले बिना प्रभावी रूप से नहीं कर सकता, तो वह जोखिम उठा सकता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अंतिम अपवाद! यदि 10 गुंडों की भीड़ आपको मारने दौड़ी है, और बीच में कुछ निर्दोष बच्चे खड़े हैं। आप आत्मरक्षा में भीड़ पर गोली चलाते हैं लेकिन एक बच्चे को गोली लग जाती है। BNS 44 (IPC 106) आपको इस अनजाने अपराध के लिए पूरी माफ़ी देगी, क्योंकि आपके पास अपनी जान बचाने का और कोई रास्ता नहीं था।
तुलना
यह कानून का सबसे व्यावहारिक और मानवीय सिद्धांत है।