धारा 48 BNS VS धारा 110 IPC: यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है

सजा (Punishment)

समान दंड

संज्ञेय (Cognizable)

मुख्य अपराध के अनुसार

जमानतीय (Bailable)

मुख्य अपराध के अनुसार

समझौता योग्य (Compoundable

मुख्य अपराध के अनुसार

विचारणीय न्यायालय (Court)

मुख्य अपराध के अनुसार

IPC (पुराना कानून)

धारा 110

वह व्यक्ति जो अपराध का दुष्प्रेरण करता है… यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय… से भिन्न आशय से कार्य करता है, तो वह उस अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडित किया जाएगा जो किया जाता यदि वह कार्य दुष्प्रेरक के आशय… से किया गया होता।

BNS (नया कानून)

धारा 48

वह व्यक्ति जो अपराध का दुष्प्रेरण करता है… यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय… से भिन्न आशय से कार्य करता है, तो वह उस अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडित किया जाएगा जो किया जाता यदि वह कार्य दुष्प्रेरक के आशय… से किया गया होता।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS 48 कहती है कि मास्टरमाइंड (उकसाने वाला) अपने 'मूल इरादे' के लिए ही दंडित होगा, भले ही मोहरे (अपराधी) ने अपनी समझ के अनुसार कुछ अलग कर दिया हो।

तुलना

समान प्रावधान।

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