धारा 50 BNS VS धारा 112 IPC: दुष्प्रेरक दुष्प्रेरित कार्य और किए गए कार्य दोनों के लिए संचयी दंड के लिए कब दायी है

सजा (Punishment)

संचयी दंड (Cumulative)

संज्ञेय (Cognizable)

अपराधों के अनुसार

जमानतीय (Bailable)

अपराधों के अनुसार

समझौता योग्य (Compoundable

अपराधों के अनुसार

विचारणीय न्यायालय (Court)

अपराधों के अनुसार

IPC (पुराना कानून)

धारा 112

यदि वह कार्य जिसके लिए कि दुष्प्रेरक… दायी है, दुष्प्रेरित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है… तो दुष्प्रेरक उन दोनों अपराधों में से हर एक के दंड के लिए दायी है।

BNS (नया कानून)

धारा 50

यदि वह कार्य जिसके लिए कि दुष्प्रेरक… दायी है, दुष्प्रेरित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है… तो दुष्प्रेरक उन दोनों अपराधों में से हर एक के दंड के लिए दायी है।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS 50 के अनुसार यदि दुष्प्रेरित कार्य (जैसे- मारपीट) के साथ-साथ एक और संभाव्य कार्य (जैसे- पुलिस अफसर पर हमला) भी हो जाए, और दुष्प्रेरक को इसका ज्ञात था, तो उसे दोनों अपराधों की कुल सजा (Cumulative Punishment) दी जाएगी।

तुलना

दोगुनी या संचयी सजा का नियम बरकरार है।

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