धारा 54 BNS VS धारा 116 IPC: कारावास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण यदि अपराध न किया जाए

सजा (Punishment)

निर्धारित

संज्ञेय (Cognizable)

अपराध के अनुसार

जमानतीय (Bailable)

अपराध के अनुसार

समझौता योग्य (Compoundable

अपराध के अनुसार

विचारणीय न्यायालय (Court)

अपराध के अनुसार

IPC (पुराना कानून)

धारा 116

जो कोई कारवास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण करेगा… यदि अपराध न किया जाए… तो उसे अपराध की सबसे लंबी अवधि के एक चौथाई (1/4) कारावास या जुर्माने से दंडित किया जाएगा। यदि दुष्प्रेरक लोक सेवक हो जिसका कर्तव्य अपराध को रोकना था, तो आधी (1/2) सजा दी जाएगी।

BNS (नया कानून)

धारा 54

जो कोई कारवास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण करेगा… यदि अपराध न किया जाए… तो उसे अपराध की सबसे लंबी अवधि के एक चौथाई (1/4) कारावास या जुर्माने से दंडित किया जाएगा। यदि दुष्प्रेरक लोक सेवक हो जिसका कर्तव्य अपराध को रोकना था, तो आधी (1/2) सजा दी जाएगी।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

यदि आप किसी पुलिस वाले को रिश्वत (Bribe) देते हैं और वह मना कर दे (अपराध पूर्ण नहीं हुआ), तब भी BNS 54 के तहत आपको सीधे संबंधित अपराध की अधिकतम सजा के 1/4 हिस्से तक के लिए जेल भेजा जा सकता है।

तुलना

BNS 54 भ्रष्ट लोक सेवकों (Police) पर 1/2 सजा का कठोर नियम लागू रखता है यदि वे स्वयं चोरी/अपराध के लिए उकसाएं।

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