धारा 61(2) BNS VS धारा 120B IPC: आपराधिक षड्यंत्र का दंड
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
मुख्य अपराध के अनुसार
जमानतीय (Bailable)
मुख्य अपराध के अनुसार
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट या मुख्य अपराध के न्यायालय द्वारा
IPC (पुराना कानून)
धारा 120B
(1) मृत्यु, आजीवन कारावास या 2 वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय अपराध के षड्यंत्र के लिए: दुष्प्रेरण (Abetment) के समान घोर दंड। (2) छोटे षड्यंत्र (6 महीने)।
BNS (नया कानून)
धारा 61(2)
(1) मृत्यु, आजीवन कारावास या 2 वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय अपराध के षड्यंत्र के लिए: दुष्प्रेरण के समान दंड। (2) अन्य के लिए: 6 महीने तक का कारावास या जुर्माना या दोनों।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
आपने सुना होगा कि पुलिस अक्सर चार्जशीट में '120B' लगाती है! अब BNS के युग में इसे '61(2)' कहा जाएगा। अगर कोई बड़े अपराध (हत्या, डकैती) की साजिश रचेगा तो उसे मुख्य अपराधी के बराबर सजा मिलेगी। छोटे अपराधों की साजिश में 6 महीने की जेल होगी।
तुलना
दशकों पुरानी IPC 120B अब BNS की धारा 61(2) के रूप में जानी जाएगी।