धारा 64 BNS बनाम धारा 376 IPC: बलात्संग (Rape) के लिए दंड
सजा (Punishment)
कठोर कारावास
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 376
376(1): जो कोई बलात्संग करेगा… कम से कम 10 वर्ष का कठोर कारावास जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा + जुर्माना।
376(2): पुलिस अधिकारी, लोक सेवक, या रिश्तेदार द्वारा रेप या कस्टोडियल रेप… कम से कम 10 वर्ष से आजीवन कारावास।
376(3): 16 वर्ष से कम आयु की स्त्री से रेप… कम से कम 20 वर्ष से आजीवन कारावास।
BNS (नया कानून)
धारा 64
BNS 64(1): बलात्संग के लिए दंड… कम से कम 10 वर्ष का कठोर कारावास जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा + जुर्माना।
BNS 64(2): कस्टोडियल रेप, पुलिस/लोक सेवक द्वारा… 10 वर्ष से आजीवन कारावास।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
बलात्कार (Rape) की सख़्त सजा! भारत में बलात्संग सबसे जघन्य अपराधों में से एक है। यदि कोई सामान्य व्यक्ति रेप करता है, तो उसे कम से कम 10 साल की 'कठोर' जेल (Rigorous Imprisonment) होगी, जो उम्रकैद तक बढ़ाई जा सकती है। लेकिन, यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए—यानी कोई पुलिसवाला, डॉक्टर, टीचर या रिश्तेदार—अपनी पोजीशन का फायदा उठाकर कस्टोडियल रेप (Custodial Rape) करता है, तो BNS 64 (पुरानी IPC 376) में उसे सीधे 10 साल से 'उम्रकैद' (मरते दम तक) की सजा और भारी जुर्माना भुगतना होगा।
तुलना
Rape के लिए दंडात्मक प्रावधान (Punishment clauses) BNS 64 में समाहित हैं। यह महिलाओं के विरुद्ध सबसे संगीन अपराध है।