धारा 7(2) BNS VS धारा 64 IPC: जुर्माना न देने पर कारावास

सजा (Punishment)

लागू नहीं

संज्ञेय (Cognizable)

लागू नहीं

जमानतीय (Bailable)

लागू नहीं

समझौता योग्य (Compoundable

लागू नहीं

विचारणीय न्यायालय (Court)

लागू नहीं

IPC (पुराना कानून)

धारा 64

जुर्माना न देने की स्थिति में, न्यायालय निर्देश दे सकता है कि अपराधी एक निश्चित अवधि के लिए कारावास भोगेगा।

BNS (नया कानून)

धारा 7(2)

जुर्माना न देने की स्थिति में, न्यायालय निर्देश दे सकता है कि अपराधी एक निश्चित अवधि के लिए कारावास भोगेगा और साथ ही सामुदायिक सेवा (Community Service) का निर्देश दे सकता है।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS 7(2) ने एक महत्वपूर्ण सुधार पेश किया है। अब यदि कोई जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 'जेल' भेजने के बजाय न्यायाधीश उसे 'सामुदायिक सेवा' (Community Service) करने का आदेश दे सकते हैं।

तुलना

BNS ने जेलों की भीड़ कम करने के लिए जुर्माना न भरने पर सामुदायिक सेवा का विकल्प दिया है।

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