धारा 9 BNS VS धारा 71 IPC: कई अपराधों से मिलकर बने अपराध के दंड की अवधि
सजा (Punishment)
लागू नहीं (दंड का सिद्धांत)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 71
जहाँ कोई बात जो अपराध है, ऐसे भागों से मिलकर बनी है जिनमें से कोई भाग स्वयं अपराध है, वहाँ अपराधी अपने ऐसे अपराधों में से एक से अधिक के दंड से दंडित नहीं किया जाएगा, जब तक कि ऐसा अभिव्यक्त रूप से उपबंधित न हो।
BNS (नया कानून)
धारा 9
जहाँ कोई बात जो अपराध है, ऐसे भागों से मिलकर बनी है जिनमें से कोई भाग स्वयं अपराध है, वहाँ अपराधी अपने ऐसे अपराधों में से एक से अधिक के दंड से दंडित नहीं किया जाएगा, जब तक कि ऐसा अभिव्यक्त रूप से उपबंधित न हो।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि कोई व्यक्ति किसी को 50 बार लाठी मारता है, तो उसे 50 अलग-अलग 'चोट पहुंचाने' के अपराधों के लिए सजा नहीं मिलेगी, बल्कि पूरी घटना को एक ही अपराध मानकर सजा दी जाएगी। (IPC 71 = BNS 9)
तुलना
यह दोहरा दंड (Double Jeopardy/Cumulative Punishment) रोकने का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है जिसे BNS 9 में सुरक्षित रखा गया है।