धारा 96 व 140(3) BNS बनाम धारा 366 IPC: विवाह आदि करने को विवश करने के लिए स्त्री को व्यपहरण या अपहरण

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

सेशन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 366

जो कोई किसी स्त्री का व्यपहरण या अपहरण इस आशय से करेगा कि वह किसी व्यक्ति से विवाह (Marriage) करने को विवश की जाए… या अवैध संभोग (Illicit intercourse) करने को विवश की जाए… 10 वर्ष की अवधि के कारावास से, और जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 96 & 140(3)

BNS 96: विवाह आदि के लिए स्त्री का अपहरण या उत्प्रेरण… (10 वर्ष + जुर्माना)। BNS 140(3): विवाह आदि के लिए व्यपहरण या अपहरण… (10 वर्ष + जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

शादी के लिए लड़की भगाना! (Kidnapping for Marriage)। भारत में यह एक बहुत ही आम (Common) लेकिन गंभीर अपराध है। यदि कोई मनचला युवा किसी लड़की को उसकी 'मर्जी के बिना' ज़बरदस्ती उठा ले जाता है—उसका मकसद उससे जबरन शादी (Forced Marriage) करना या शारीरिक संबंध (Illicit Intercourse) बनाना होता है। ऐसे मामलों में पुलिस उस पर पुरानी IPC 366 (अब BNS 96 और 140(3)) लगाती है। इसमें 10 वर्ष तक कठोर कारावास की 'गैर-जमानती (Non-Bailable)' सजा होती है।

तुलना

महिलाओं के विरुद्ध अपराध (Crimes against women) के अध्याय में इसे BNS 96 के तहत विशेष स्थान दिया गया है, जबकि व्यपहरण (Kidnapping) के सामान्य प्रावधान BNS 140 में भी हैं। दोनों में सजा 10 वर्ष है।

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