धारा 143 BNS बनाम धारा 363A IPC: भीख मांगने के प्रयोजनों (Begging) के लिए अप्राप्तवय (Minor) का व्यपहरण या उसे विकलांग करना

सजा (Punishment)

कठोर कारावास

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

सेशन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 363A

जो कोई किसी अप्राप्तवय (Minor) का व्यपहरण (Kidnap) इस आशय से करेगा कि उसे भीख मांगने (Begging) के काम में लगाया जाए… 10 वर्ष + जुर्माना। यदि उसे विकलांग (Maims) करेगा… आजीवन कारावास।

BNS (नया कानून)

धारा N/A (Covered under 143 Trafficking)

BNS 143 (Trafficking of persons) comprehensively covers exploitation including begging. The specific section 363A is merged/absorbed into trafficking and organized crime clauses.

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

भीख मंगवाने के लिए अपहरण! (Kidnapping for Begging)। आपने रेलवे स्टेशन या सिग्नल पर देखा होगा कि कुछ माफिया मासूम बच्चों को अगवा कर लेते हैं, और उनका हाथ-पैर काटकर (विकलांग बनाकर) उनसे भीख (Begging) मंगवाते हैं। यह इंसानियत के खिलाफ सबसे घिनौना काम है। पुरानी IPC में इसके लिए विशेष धारा 363A थी (जिसमें 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होती थी)। BNS में इस तरह के जघन्य अपराधों को मानव तस्करी (Human Trafficking - BNS 143) के कड़े कानूनों के तहत जोड़ दिया गया है।

तुलना

भीख मांगने (Begging) वाले इस क्लॉज़ को BNS के Trafficking Chapter में मर्ज कर दिया गया है।

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