BNS में IPC 377 (Unnatural offences) का क्या हुआ?

सजा (Punishment)

N/A

संज्ञेय (Cognizable)

N/A

जमानतीय (Bailable)

N/A

समझौता योग्य (Compoundable

N/A

विचारणीय न्यायालय (Court)

N/A

IPC (पुराना कानून)

धारा 377

अप्राकृतिक अपराध (Unnatural offences): जो कोई स्वेच्छया किसी पुरुष, स्त्री या जीवजंतु के साथ प्रकृति की व्यवस्था के विरुद्ध (Against the order of nature) इंद्रिय भोग करेगा… आजीवन कारावास या 10 वर्ष की जेल।

BNS (नया कानून)

धारा हटा दिया गया (Omitted / Partially covered under BNS 63 for non-consensual acts)

There is NO EXACT EQUIVALENT of IPC 377 in the BNS. Consensual same-sex relations were decriminalised by the Supreme Court (Navtej Singh Johar case). Non-consensual acts against women are covered under Rape (BNS 63). Unnatural acts with animals (Bestiality) do not have a specific named section, creating a legal grey area.

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS में IPC 377 का अंत! (Unnatural Offences Omitted)। पुरानी IPC 377 'अप्राकृतिक सेक्स (Unnatural Sex / homosexuality)' को 10 साल की सजा वाला अपराध मानती थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में दो वयस्कों (Adults) के बीच 'सहमति' से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। नए कानून (BNS) में इस धारा (377) को पूरी तरह 'हटा (Omit)' दिया गया है। अगर महिला के साथ ज़बरदस्ती अननैचुरल कृत्य होता है, तो वह BNS 63 (Rape) में कवर होगा। लेकिन पशुओं के साथ कृत्य (Bestiality) या पुरुषों के बीच नॉन-कंसेंशियल कृत्य के लिए स्पष्ट धारा का अभाव (Grey area) है।

तुलना

BNS ने ऐतिहासिक IPC 377 को पूरी तरह से हटा दिया है। यह एक बड़ा कानूनी और सामाजिक बदलाव है।

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