अध्याय X
CrPC Section 130 in Hindi: जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बलों का प्रयोग
New Law Update (2024)
धारा 200 बीएनएसएस
TRIAL COURT
Punishment
प्रक्रियात्मक / प्रशासनिक
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
(1) यदि ऐसा कोई जमाव अन्यथा तितर-बितर नहीं किया जा सकता और यदि लोक सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि उसे तितर-बितर किया जाए, तब उपस्थित उच्चतम पंक्ति का कार्यपालक मजिस्ट्रेट उसे सशस्त्र बलों द्वारा तितर-बितर करा सकता है।
(2) ऐसा मजिस्ट्रेट सशस्त्र बलों के किसी भी समूह के भारसाधक किसी अधिकारी से यह अपेक्षा कर सकता है कि वह अपने समादेश के अधीन सशस्त्र बलों की सहायता से जमाव को तितर-बितर करे और ऐसे व्यक्तियों को, जो उसका भाग हैं, गिरफ्तार करे और परिरुद्ध करे जिनका मजिस्ट्रेट निदेश दे या जिन्हें जमाव को तितर-बितर करने के लिए या उन्हें विधि के अनुसार दंडित कराने के लिए गिरफ्तार और परिरुद्ध करना आवश्यक हो।
(3) सशस्त्र बलों का ऐसा प्रत्येक अधिकारी ऐसी अध्यपेक्षा का ऐसे ढंग से पालन करेगा जैसा वह ठीक समझे, किंतु ऐसा करने में वह उतनी ही कम से कम शक्ति का प्रयोग करेगा और व्यक्ति और संपत्ति को उतनी ही कम से कम हानि पहुंचाएगा जितनी जमाव को तितर-बितर करने और ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार करने और निरुद्ध रखने के संगत हो।
Important Sub-Sections Explained
धारा 130(1)
यह उपधारा उपस्थित उच्चतम पंक्ति के कार्यपालक मजिस्ट्रेट को सशक्त करती है कि वह सशस्त्र बलों द्वारा जमाव को तितर-बितर करने का आदेश दे, किंतु तभी जब तितर-बितर करने के अन्य साधन विफल हो गए हों और यह लोक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो।
धारा 130(3)
यह उपधारा अधिदेशित करती है कि ऐसा कोई भी सशस्त्र बल अधिकारी जो ऐसे आदेश का पालन कर रहा है, आवश्यक न्यूनतम बल का प्रयोग करेगा और व्यक्तियों तथा संपत्ति को कम से कम संभव हानि पहुंचाएगा, जो जमाव को तितर-बितर करने और किसी भी निर्देशित गिरफ्तारी को प्राप्त करने के संगत हो।