अध्याय XVIII

CrPC Section 229 in Hindi: दोष स्वीकृति के आधार पर दोषसिद्धि

New Law Update (2024)

धारा 240 बीएनएसएस

TRIAL COURT

सेशन न्यायालय

Punishment​

प्रक्रियात्मक – निर्णय / दंडादेश

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

यदि अभियुक्त दोष स्वीकार कर लेता है, तो न्यायाधीश उस अभिवाक् को अभिलिखित करेगा और स्वविवेकानुसार उस पर उसे सिद्धदोष ठहरा सकेगा।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

उत्तर प्रदेश राज्य बनाम चंद्रिका (2000):

उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि यद्यपि दोष स्वीकृति एक अभिस्वीकृति है, तथापि यह न्यायालय पर बाध्यकारी नहीं है। न्यायालय को दोष स्वीकार करने या अस्वीकार करने का विवेकाधिकार है और उस पर कार्यवाही करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि यह स्वैच्छिक और स्पष्ट है।

रामानंद अग्रवाल बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2002):

इस मामले ने इस बात की पुष्टि की कि दोष स्वीकृति स्पष्ट, असंदिग्ध और उसके परिणामों की पूरी समझ के साथ की जानी चाहिए। अभियुक्त को सिद्धदोष ठहराने से पहले न्यायालय को दोष स्वीकृति की स्वेच्छा और सत्यता के संबंध में स्वयं को संतुष्ट करना होगा।

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