अध्याय XIX
CrPC Section 238 in Hindi: धारा 207 का अनुपालन
New Law Update (2024)
धारा 250 BNSS
TRIAL COURT
मजिस्ट्रेट न्यायालय
Punishment
प्रक्रियात्मक – वारंट / समन्स प्रक्रिया
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
जब पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित किसी वारंट-मामले में अभियुक्त विचारण के प्रारंभ में मजिस्ट्रेट के समक्ष हाजिर होता है या लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट का यह समाधान करना होगा कि उसने धारा 207 के उपबंधों का अनुपालन कर दिया है।
Important Sub-Sections Explained
Landmark Judgements
वी. के. शशिकला बनाम राज्य, (1999) 3 एस.सी.सी. 539:
इस मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 207 के तहत अभियुक्त को दस्तावेज़ उपलब्ध कराने की अनिवार्य प्रकृति पर जोर दिया गया, इस बात पर बल दिया गया कि इसका उद्देश्य उन्हें अपनी प्रतिरक्षा प्रभावी ढंग से तैयार करने में सक्षम बनाना है। धारा 238 यह सुनिश्चित करती है कि विचारण शुरू होने से पहले इस अनिवार्य प्रावधान का अनुपालन किया जाए।
पी. गोपालकृष्णन @ दिलीप बनाम केरल राज्य, (2020) 9 एस.सी.सी. 161:
उच्चतम न्यायालय ने निष्पक्ष विचारण के लिए आवश्यक सभी प्रासंगिक दस्तावेज़, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी शामिल है, प्राप्त करने के अभियुक्त के सर्वोपरि अधिकार की पुनः पुष्टि की, जिससे धारा 207 की भावना को बल मिला, जिसे धारा 238 विचारण के प्रारंभिक चरण में बनाए रखने का अधिदेश देती है।