अध्याय 21क

CrPC Section 265G in Hindi: निर्णय की अंतिमता

New Law Update (2024)

धारा 298 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – निर्णय / दंडादेश

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

धारा 265छ के अधीन न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम होगा और ऐसे निर्णय के विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई अपील (संविधान के अनुच्छेद 136 के अधीन विशेष अनुमति याचिका और अनुच्छेद 226 और 227 के अधीन रिट याचिका के सिवाय) नहीं होगी।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

Kasturi v. State of U.P. (2014):

सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 265छ के तहत दिए गए निर्णयों की अंतिमता को दोहराया, इस बात पर जोर दिया कि ऐसे निर्णयों को केवल अनुच्छेद 136 या अनुच्छेद 226/227 के सीमित आधारों पर ही चुनौती दी जा सकती है। इससे अभिवचन सौदेबाजी के माध्यम से मामलों के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के विधायी इरादे को बल मिला।

K.M. Ibrahim @ Ibrahim Khalil v. State of Kerala (2017):

सर्वोच्च न्यायालय ने पुष्टि की कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 265छ के तहत पारित निर्णय और आदेश सामान्य अपील के अधीन नहीं है, जिससे अंतिमता के प्रावधान पर जोर दिया गया और यह पुष्टि की गई कि अपवाद केवल सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों की संवैधानिक शक्तियों के तहत ही उपलब्ध हैं।

Draft Format / Application

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