अध्याय 3
CrPC Section 29 in Hindi: दंडादेश जो मजिस्ट्रेट दे सकेंगे (नियम, सजा और Bare Act PDF)
New Law Update (2024)
धारा 24 भा.ना.सु.सं.
TRIAL COURT
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय, प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय, द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट का न्यायालय, महानगर मजिस्ट्रेट का न्यायालय
Punishment
प्रक्रियागत – निर्णय / दंडादेश
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय मृत्यु दंडादेश या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक अवधि के कारावास के दंडादेश के सिवाय विधि द्वारा प्राधिकृत कोई भी दंडादेश दे सकेगा।
(2) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय तीन वर्ष से अनधिक अवधि के कारावास का या दस हजार रुपए से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकेगा।
(3) द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय एक वर्ष से अनधिक अवधि के कारावास का या पांच हजार रुपए से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकेगा।
(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियाँ होंगी और महानगर मजिस्ट्रेट को प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियाँ होंगी।
Important Sub-Sections Explained
धारा 29(1)
यह उपधारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के अधिकतम दंडादेश देने के अधिकार को रेखांकित करती है, जिससे वे मृत्यु दंडादेश, आजीवन कारावास, या सात वर्ष से अधिक अवधि के कारावास के सिवाय विधि द्वारा प्राधिकृत कोई भी दंडादेश दे सकेंगे।
धारा 29(2)
यह उपधारा प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की दंडादेश देने की शक्तियों का सीमांकन करती है, उन्हें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास, या दस हजार रुपए से अनधिक जुर्माने, या दोनों तक सीमित करती है।