अध्याय XXVI
CrPC Section 351 in Hindi: धारा 344, 345, 349 और 350 के अधीन दोषसिद्धियों से अपीलें
New Law Update (2024)
धारा 373 बी.एन.एस.एस.
TRIAL COURT
Punishment
प्रक्रियात्मक – निर्णय / दंडादेश
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
(1) धारा 344, धारा 345, धारा 349 या धारा 350 के अधीन किसी उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा दंडादिष्ट कोई व्यक्ति, इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी, उस न्यायालय में अपील कर सकता है जिसे ऐसे न्यायालय द्वारा पारित डिक्रियों या आदेशों की अपीलें मामूली तौर पर की जा सकती हैं।
(2) अध्याय XXIX के उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा के अधीन अपीलों को लागू होंगे और अपील न्यायालय उस निष्कर्ष को परिवर्तित या उलट सकता है अथवा उसके विरुद्ध अपील किए गए दंडादेश को कम या उलट सकता है।
(3) किसी लघुवाद न्यायालय द्वारा ऐसी दोषसिद्धि से अपील उस सेशन खंड के लिए सेशन न्यायालय में होगी जिसमें ऐसा न्यायालय स्थित है।
(4) किसी रजिस्ट्रार या उप-रजिस्ट्रार द्वारा ऐसी दोषसिद्धि से अपील, जिसे धारा 347 के अधीन दिए गए निदेश के आधार पर सिविल न्यायालय समझा जाता है, उस सेशन खंड के लिए सेशन न्यायालय में होगी जिसमें ऐसे रजिस्ट्रार या उप-रजिस्ट्रार का कार्यालय स्थित है।
Important Sub-Sections Explained
धारा 351(1) दंड प्रक्रिया संहिता
यह महत्वपूर्ण उपधारा उन व्यक्तियों को अपील करने का अधिकार प्रदान करती है जिन्हें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344, 345, 349 या 350 में उल्लिखित संक्षिप्त प्रक्रियाओं के अधीन किसी उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया गया है। अपील उस न्यायालय को निर्देशित की जाती है जो सामान्यतः उस विशिष्ट दोषसिद्ध करने वाले न्यायालय से अपीलें सुनता है।
धारा 351(3) दंड प्रक्रिया संहिता
यह उपधारा एक विशिष्ट अपीलीय मंच प्रदान करती है, जिसमें कहा गया है कि लघुवाद न्यायालय द्वारा इन संक्षिप्त प्रावधानों के अधीन दोषसिद्धि से उत्पन्न कोई भी अपील उस सेशन खंड पर अधिकारिता रखने वाले सेशन न्यायालय के समक्ष दायर की जानी चाहिए।